डीसल या ईंधन से सिचाई में समस्या
यदि हम यहां डीजल से सिचाई की समस्याओं की बात करें, तो सबसे पहला मुद्दा है डीजल की महंगाई और इसके पर्यावरण पर दुर्भाग्यपूर्ण प्रभाव। किसानो के लिए डीसल से सिचाई करना मतलब अपने खर्चे को दो गुना तक बढ़ाना 2023 / 2024 में अगर कोई किसान डीसल से सिचाई करना अपने आमदनी को जीरो करने के बराबर है
अपने खेतो को समय पर सिचाई एवं फसल से फायदा कैसे कमाए
भारत में सोलर से चलने वाले उपकरण का बाजार बहुत तेजी से बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश में, करीब 30 से 40 प्रतिशत किसान अपने खेतों की सिचाई सोलर के माध्यम से कर रहे हैं, जो भारत के अन्य राज्यों के मुकाबले थोड़ा कम है, लेकिन इसमें वृद्धि हो रही है।
भारत सरकार के अनुसार, 2021 में उत्तर प्रदेश में सोलर पंपों की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे सिचाई के क्षेत्र में सौर ऊर्जा का प्रयोग करने वाले किसानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।